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दो भाई की कहानी

  FULL STORY   N कड़ाके की ठंड अपनी पूरी ताकत के साथ गांव पर उतर आई थी। तालाब के किनारे बने कच्चे घर की दीवारों की दरारों से सर हवा सीटी बजाती हुई भीतर घुस रही थी। मिट्टी के उस छोटे से घर   में टूटी चारपाई पर एक पुरानी पतली रजाई ओढ़े हरीलाल   और उसका बीटा सोहन सिमटे बैठे थे। SON बाबा घर में आटा भी खत्म हो चुका है और जलाने के लिए लकड़ियां भी नहीं बची हैं। अगर सुबह तक कुछ इंतजाम नहीं हुआ तो हम क्या खाएंगे और इतनी ठंड में रात कैसे गुजरेगी ? FATHER बेटा   आज पूरा दिन गांव में काम की तलाश में भटकता रहा। पर किसी ने एक वक्त की मजदूरी तक नहीं दी। जेब खाली है और दिमाग जैसे सुन्न पड़ गया है। समझ नहीं आ रहा कि किस दरवाजे पर जाऊं। SON आप फिर से जाइए बाबा। कहीं ना कहीं तो काम मिलेगा ही। जब तक आप हिम्मत नहीं हारेंगे , मैं भी नहीं हारूँगा । FATHER जाऊंगा बेटा   जरूर जाऊंगा। जब तक मेरे बूढ़े हाथ चल रहे हैं , तब तक तुझे भूखा पेट नहीं सोने दूंगा। N अगली सुबह धुंध के बीच हरीलाल   अलग-अलग घरों के दरवाजों पर जाता है। FATHER काकी कोई भी छोटा-मो...

चिड़िया का अंडा

 गोरी कवी अपनी सहेली पिंकी से मिलने जा रही थी लेकिन उसके घोंसले में एक अंडा भी था इसलिए वह परेशान थी कि अपने अंडे को अकेला छोड़कर कैसे जाए मैं ऐसा करती हूं अपना अंडा भी साथ ही ले जाती हूं कहीं कोई पक्षी मेरा अंडा ना चुरा ले गौरी कवी अपना अंडा उठाती है और अपने घोंसले से निकलती है गौरी कवी उड़ती उड़ती अपनी सहेली पिंकी के पास पहुंच चाहती है पिंकी झड़ने पर घोरी का इंतजार कर रही थी घोरी ये अंडा किस पक्षी का है पिंकी यह अंडा मेरा ही है मैं इसे साथ ले आई डर था कि कहीं कोई पक्षी मेरा अंडा उठाकर ही ना ले जाए गोरी मैंने सोचा था कि आज हम किसान के खे से मकरी के भुट्टे खाने जाएंगे लेकिन यह अंडा हम साथ नहीं लेकर जा सकती तो अब मैं अपने अंडे का क्या करूं मैं ऐसा करती हूं अपना अंडा वापस घोसले में ही रख आती हूं नहीं नहीं ऐसे तो देर हो जा जाएगी किसान खेत में आ जाएगा हमें किसान के आने से पहले पहले मकई के भुट्टे खाने हैं तो फिर मैं क्या करूं अपने अंडे को कहां रखूं फिर पिंकी कवी एक फूल तोड़कर झरने के पास रखती है तुम अपना अंडा इस फूल के ऊपर रख दो जब हम किसान के खे से वापस आएंगी तो तुम अपना अंडा यहां से उठाकर घोंसले में ले जाना फिर गोर कवी ऐसा ही करती है गोरी कवी अपना अंडा झरने के पास रखती है और पिंकी के साथ किसान के खेत में चली जाती है दोनों सहेलियां किसान के खेत में जाकर छुपकर बैठ जाती हैं और मकई खाने लगती हैं रानो चिड़िया जो उसी जंगल में रहती थी

वह झरने के पास आती है तो उसकी नजर अंडे पर जाती है अरे ये अंडा किस पक्षी का होगा मासूम अंडा अकेला ही पड़ा है इसे तो कोई भी उठाकर ले जा सकता है रानू चुड़िया इधर-उधर देखती है वो आवाज देती है कोई है कोई यहां आसपास है यह ा किसका है लेकिन वहां कोई भी नहीं था मैं इस अंडे को यहां छोड़कर नहीं जा सकती मैं इसे अपने साथ ले जाती हूं और जिसका होगा उसे लुटा दूंगी रानो छड़िया व अंडा उठाकर अपने साथ अपने घर ले जाती है शाम होने वाली थी गोरी कवी पिंकी से कहती है पिंकी अब तो मेरा पेट भर गया है अब हमें घर वापस जाना चाहिए मेरा अंडा भी झड़ने के पास अकेला पड़ा है हां अब हम हर रोज ही किसान के खेर से मकई खाने आया करेंगी फिर दोनों सहेलियां वापस चली जाती हैं मेरा अंडा मेरा अंडा कहां गया कौन ले गया मेरा अंडा गुरु कवी झड़ने के पास अपना अंडा ना देखकर रोने लग जाती है गोरी हौसला रखो सब्र करो शायद कोई पक्षी तुम्हारा अंडा उठा कर ले गया है इकी यह सब तुम्हारी वजह से हुआ है गौरी मुझे क्या मालूम था कि ऐसा होगा अब चुप कर जा रोने से कुछ नहीं होगा फिर गोरी कवी अपने घोंसले में वापस चली जा जाती है रानो चिड़िया सारी रात अंडे को अपने घर में संभाल कर रखती है और सुबह होते ही वह अंडा उठाकर जंगल निकलती है तोते भैया मुझे झड़ने से यह अंडा मिला है क्या यह अंडा आपका है नहीं चिड़िया यह अंडा मेरा तो नहीं है

 यह किसी और पक्षी का होगा फिर रानो चिड़िया कबूतर के पास जाती है और कबूतर से जाकर पूछती है नहीं नहीं चिड़िया रानी यह अंडा मेरा तो नहीं है रानो चिड़िया बुलबुल के पास जाती है मैना के पास जाती है और फिर बात में घर वापस आते समय गौरी कवि के पास जाती है गौरी मुझे यह अंडा झड़ने के पास से मिला है क्या यह अंडा तुम्हारा है गोरी कवी थोड़ी देर के लिए चुप रहती है और फिर जुड़िया से कहती है नहीं यह अंडा मेरा तो नहीं है अच्छा अब तो मुझे ही इस अंडे की रक्षा करना होगी किसी का भी नहीं है यह अंडा तो अनाथ है चिड़िया वो अंडा उठाकर अपने साथ ले जाती है ये चिड़िया मेरे अंडे की रक्षा मुझसे ज्यादा तरह करेगी और कल जब मेरे अंडे से मेरा बच्चा निकलेगा तो मैं अपने बच्चे को ले आऊंगी गोरी गवी ऐसे सोचती है चिड़िया उस अंडे को ले जाकर अपने घर में गर्म घोंसले के अंदर रखती है रानो चिड़िया उस अंडे पर बैठकर अंडे को गरमाइल देती है गोरी कवी दूसरे दिन अपनी सहेली पिंकी के पास जाती है और उसे सारी बात बताती है पिंकी अब मुझे कोई चिंता नहीं है अब मेरा अंडा सुर रक्षित रहेगा वो चिड़िया बहुत स्यानी है वो तो मेरे अंडे को अकेला छोड़कर नदी पर भी नहीं जाएगी यह भी अच्छा ही हुआ जो तुम्हारा अंडा चिड़िया उठाकर ले गई कल जब बच्चा निकलेगा तो आराम से अपना बच्चा चिड़िया के घर से ले आना दोनों सहेलियां मजे मजे से किसान के खेत में मकई खाने चली जाती है

 मैं जल्दी-जल्दी से अपना दाना ले आती हूं और फिर आकर इस अंडे पर बैठ जाऊंगी रानो चिड़िया अपना दाना लेने जाती है चिड़िया राने उस अंडे की मां का कुछ पता चला नहीं तो होते मैंने सबसे पूछा लेकिन मुझे अंडे के माता-पिता का कुछ पता नहीं चला तो कहां है वह अंडा वो अंडा मेरे घर में ही है मैं ही अब उस अंडे से बच्चा निकलने तक उसकी रक्षा करूंगी चिड़िया रानी यह बहुत मुश्किल काम है आप कैसे करोगी यह सब तो मैं उस अंडे को फेंक भी तो नहीं सकती उस मासूम अंडे ने किसी का क्या बिगाड़ा है उस अंडे में जो बचा है व दुनिया में आने से पहले ही मर जाएगा अगर मैंने उस अंडे को फेंका तो ऐसे ही दिन और रात गुजरते के रानो छड़िया दिन रात अंडे की रक्षा करती और गोरी कवी सारा सारा दिन अपनी सहेली पिंकी के साथ मौज मस्ती करती रहती एक दिन सुबह के वक्त वह अंडा हिलने लगता है मां चिड़िया उस अंडे को बहुत प्यार से देख रही थी अब यह अंडा फूटने ही वाला है और इसमें से ना जाने किस पक्षी का बच्चा निकलेगा वह अंडा फूटता है और उस अंडे में से एक छोटा सा काला सा प्यारा सा कवे का बच्चा निकलता है जो चिड़िया को देख ते ही मामा कहने लगता है मां मां मां मुझे भोग लगी है मुझे पता था कि मेरा बच्चा भूखा होगा देखो मैंने पहले से ही आपके लिए मीठा फल लाकर रखा हुआ है वह छोटा कवे का बच्चा मीठा फल खाता है और चिड़िया के पंखों में छुपकर सो जाता है यह बच्चा तो मुझे सच में अपनी मां ही समझ रहा है अगर यह बच्चा गोरी का नहीं है

तो फिर कोई विदेशी कवा इस अंडे को झरने किनारे फेंक गया होगा मुझे मेरा बच्चा मि गया अब मैं इस बच्चे को हमेशा अपने पास ही रखूंगी गौरी कवी भी दिन गिन रही थी गौरी कवी रानो चिड़िया के पास उसके घर जाती है चिड़िया लाओ यह बच्चा मुझे दे दो यह बच्चा तुम्हें दे दूं लेकिन वो क्यों क्योंकि यह बच्चा मेरा ही है उस दिन झड़ने किनारे वह अंडा मैंने ही रखा था और जब मैं वो अंडा लेकर तुम्हारे पास गई थी तो तुमने कहा था कि अंडा तुम्हारा नहीं है क्योंकि मुझे जंगल जंगल घूमना था कि किसान के खेत में मकई खाने जाना था इसलिए मैंने कहा था कि अंडा मेरा नहीं है लेकिन अब मैं यह बच्चा किसी को नहीं दूंगी यह बच्चा मेरा है मुझे इस बच्चे से अपने बच्चे की तरह ही प्यार है अगर नहीं दोगी तो मैं सबको बताऊंगी कि चिड़िया ने मेरा बच्चा छीन लिया है एक कवे का बच्चा कवी को ही मिलेगा इसे दे दो या फिर पंचायत में दे देना वह बच्चा सोया हुआ था और रानो चिड़िया वो बच्चा उठाकर गोरी कवी को को दे देती है चुड़िया की आंखों में आंसू थे किसी से इतना बड़ा धोखा भी नहीं करते मैंने दिन रात अंडे की रक्षा की और अंडे को मां का प्यार दिया और आज तुम मुझसे मेरा बचा लेने आ गई हो गौरीका फ चुप करके कोई बात किए बिना वह बच्चा उठाकर अपने घोंसले में ले जाती है और रानो चिड़िया सारी रात रोती रहती है जब सुबह होती है तो वह बच्चा गोरी कवी को देखकर रो ने लग जाता है आप आप कौन है

 मुझे मेरी मां के पास जाना है बेटा मैं ही तुम्हारी मां हूं आप मेरी मां नहीं है मुझे मेरी मां के पास छोड़ कर आए बच्चा रोने लग जाता है गोरी कवी उस बच्चे को उठाकर चुप करवाती है उसे मीठा फल देती है लेकिन वह बच्चा तो रोए ही जा रहा था और रो-रोकर वह यही कहे जा रहा था कि मुझे मेरी मां के पास छोड़ आओ चिड़िया मैं हार गई यह बच्चा तुम हारा ही है लो यह बच्चा तुम रख लो गोरी कवी बहुत सोचने के बाद वह बच्चा लेकर रानो चिड़िया के पास आ जाती है और वह बच्चा रानो चिड़िया के गले लग जाता है गोरी रिश्ते प्यार के होते हैं यह बच्चा मुझे मां समझता है और इसे मां का प्यार मुझसे ही मिलेगा ऐसे वो कवे का बच्चा हमेशा रानो जुड़िया के साथ ही रहता है मम्मा मम्मा वो संग तरे बहुत खट्टे थे कुकू बेटा मैंने आपको मना भी किया था कि वो सतरे ना खाओ अब तुम्हें सांस भी नहीं आ रही मम्मा कूकू भैया की खांसी अब कैसे ठीक होगी मम्मा मैं फिर खटे संग तेरे नहीं खाऊंगा गुड़िया बेटी मैं कव के घर से थोड़ा सा शहद लेकर इसे दूंगी शहद खाने से कुकू की खांसी ठीक हो जाएगी सारी रात कुकू खांस खांस कर गुजारता है मम्मा चिड़िया भी अपने भेटे के साथ ही सारी रात जागती है सुबह हो जाती है गोरी बहन आपके पास थोड़ा सा शहद है तो मुझे दो मेरे कुकू को रात से बहुत ज्यादा खांसी है पूरी बोतल पड़ी है शहद की मेरे पास मेरा कालू पहाड़ों से खुद निकाल कर लाया था शहद मैं शहद बर्तन में डालती हूं तब तक तुम हमारे लिए थोड़ा सा दाना तो ढूंढ लाओ मैं अभी दाना लेकर आती हूं दाना तो मेरे घर में ही पड़ा है फिर मम्मा चिड़िया दाना लेने वापस घर चली जाती है गोरी कौन सा शहद और मैं मैं कब लाया था पहाड़ों से शहद निकाल कर कालू जी एक दिन के दाने का मुफ्त में बंदोबस्त हो गया उसे आने दो मैं समझा दूंगी चिड़िया को मम्मा मिला क्या शहद गोरी आंटी के घर से हां हां बेटी घोरी के पास तो पूरी बोतल शहद की पड़ी है

 फिर मम्मा चिड़िया हियों के कुछ दाने लेकर अपने घर से निकलती है ये लो गोरी बहन दाना और शहद कहां रखा है आपने बता दो बता दो शर्मा क्यों रही हो गोरी चिड़िया मैं क्या बताऊं बोतल का ढक्कन खुला रह गया था मुझसे शहद तो चटिया पी गई चुटियां सारा ही पी गई आप मुझे थोड़ा सा दे दें मैं छान करर कूकू को दे दूंगी मैंने तो खाली बोतल भी बाहर फेंक दी चुटियों ने तो बोतल भी जबान से जाड़ ली थी मैं और ला दूंगा किसी दिन तोते के पास जाओ वो हर रोज गर्म पानी में मिलाकर शहद पीता है फिर चिड़िया वहां से चली जाती है घोरी और कालू चिड़िया का लाया हुआ दाना खाने लगते हैं आज मेरी बारी थी और कल तुम्हारी बारी है भजन लाने की तुम जैसी चालाक कवि को भोजन लेने बाहर जाने की क्या जरूरत है नहीं चिड़िया बहन मेरे पास तो शहद नहीं है कहां जरूरत बन गई शहद की आपको मेरे कुकू को कल से बहुत खांसी है फिर तो उसे शहद ही ठीक रहेगा आप कबूतर के पास [संगीत] जाएं मम्मा मम्मा कहां है गुड़िया बहन मम्मा आपके लिए शहद लेने गई है भाई मम्मा आने ही वाली होंगी मेरे सीने में दर्द होने लगा है मम्मा जल्दी आ जाए फिर गुड़िया अपने भाई को अपने गले से लगा लेती है मेरा भाई तो बहुत बहादुर है सबसे बहादुर है मैं कहानी सुनाती हूं अपने भाई को मुझे नहीं सुननी कहानी चिड़िया बहन इस जंगल में किसी के पास भी शहद नहीं है

क्योंकि मधुमक्खियां दूसरे जंगल में रहती हैं आप दूसरे जंगल में जाएं मेरे पास तो था पिछले महीने बुलबुल का बेटा बीमार हो गया था बुलबुल मांग कर ले गई थी मुझसे अगर होता तो मैं जरूर देता चिड़िया अब तो कोई और ही बंदोबस्त करना होगा आपको मम्मा चिड़िया थक हार कर घर वापस जाती है मम्मा क्या मिला नहीं शहद कूकू की खांसी और भी बढ़ गई है और सीने में दर्द भी हो रहा है घोरी का शहद तो चूंट हों ने पी लिया ना कबूतर के पास है और ना ही कौते के पास गोरी आंटी ने जरूर झूठ बोलकर आपसे भोजन लिया होगा हम यह तो मैंने सोचा ही नहीं आपने ठीक कहा धोखेबाज गोरी ने जरूर मुझसे झूठ बोला होगा मम्मा अब मैं जाती हूं आप मुझे कटोरी दे दें शहद डालने के लिए मगर कहां बेटी शहद लेने फिर गुड़िया कटोरी लेकर अपने घर से शहद लेने निकलती है गुड़िया को मालूम था कि उसे शहद मधुमक्खियों के छत्ते से ही मिलेगा गुड़िया सबसे पहले अपनी दोस्त सुनीता तितली के पास जाती है सोनीता धूप में बैठी अपने शरीर को गर्म कर रही थी सोनीता कैसी हो दोस्त गुड़िया तुमने तो मुझे डरा ही दिया मैं तो ठीक हूं आज तो धूप में भी ठंड लग रही है सुनीता मेरे भाई को बहुत खांसी है मम्मा कहती हैं

 कूकू की खांसी शहद पीने से ठीक होगी तो फिर दिया क्या कूकू भाई को शहद नहीं शहद तो मिला ही नहीं सबसे पूछा गोरी आंटी ने तो शहद देने का बोलकर मम्मा से दाना भी ले लिया मगर शहद दिया ही नहीं आप परेशान ना हो गुड़िया आपकी दोस्त आपके किस दिन काम आएगी मैं हूं ना चलो मेरे साथ फिर गुड़िया अपनी कटोरी लिए अब अपनी सहेली सुनीता के साथ जाती है वो फूलों के पास जाती हैं अब थोड़ा सा इंतजार करना होगा यहां मेरी दोस्त मधु आने ही वाली होगी थोड़ी देर बाद सुनीता की दोस्त मधु भी आ जाती है मधु वहां फूलों का रस पीने आई थी मधु ये मेरी दोस्त गुड़िया है और गुड़िया ये मेरी पक्की सहेली मधु है आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई वैसे आपका नाम बहुत सुंदर है मधु कितना मीठा क्या नाम है आपका नाम गुड़िया भी बहुत सुंदर है मधु मेरी दोस्त का भाई बीमार है उसे थोड़े से शहद की जरूरत है क्या आप मेरी दोस्त को थोड़ा सा शहद दे देंगी क्यों नहीं मैं थोड़े से फूलों का रस इकट्ठा कर लूं फिर हम अभी घर जाते हैं फिर मधु फूलों का रस पीने लगती है फूलों का रस पी लेने के बाद मधु गुड़िया और सुनीता को अपने साथ ले जाती है पहाड़ों की दूसरी तरफ मधु का घर था मम्मा मम्मा देखें कौन आया है यह मेरी सहेलियां है आप बैठे मैं अभी आपके लिए ताजा और मीठा-मीठा शहद लेकर आती हूं बेटा फिर मधु की मम्मा उन्हें शहद पीने को देती है आंटी इस काम में बहुत मेहनत है ना हां बेटी जो काम जितनी मेहनत से हो उसमें उतनी ही मिठास होती है सच कहा आपने आंटी मम्मा गुड़िया के भाई को खांसी है यह मेरे पास थोड़ा शहद ले लेने आई है

 क्यों नहीं बेटा लाओ अपनी कटोरी मुझे दो फिर मधु की मम्मा गुड़िया की कटोरी में शहद डाल देती है मुझे आपका जीवन बहुत पसंद है फूलों से मिलना और उसका रस इकट्ठा करना हां बेटी मगर फूलों से दोस्ती करने के लिए कांटों से गुजरना पड़ता है गुड़िया बहुत खुश थी और वह शहद लेकर अपने घर पहुंच जाती है मम्मा ये ले यह खालिस फूलों का शहद है गु की मम्मा शहद से भरी कटोरी देखकर हैरान हो जाती है गुड़िया बेटी यह आपने कहां से लिया मेरी दोस्त सुनीता ने मुझे नई दोस्त मधु से मिलवाया उसने दिया है यह शहद मुझे फिर मम्मा चिड़िया कूकू को दिन में दो-तीन बार शहद खिलाती है और उसकी खांसी दूर हो जाती है

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