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Showing posts from March, 2026

दो भाई की कहानी

  FULL STORY   N कड़ाके की ठंड अपनी पूरी ताकत के साथ गांव पर उतर आई थी। तालाब के किनारे बने कच्चे घर की दीवारों की दरारों से सर हवा सीटी बजाती हुई भीतर घुस रही थी। मिट्टी के उस छोटे से घर   में टूटी चारपाई पर एक पुरानी पतली रजाई ओढ़े हरीलाल   और उसका बीटा सोहन सिमटे बैठे थे। SON बाबा घर में आटा भी खत्म हो चुका है और जलाने के लिए लकड़ियां भी नहीं बची हैं। अगर सुबह तक कुछ इंतजाम नहीं हुआ तो हम क्या खाएंगे और इतनी ठंड में रात कैसे गुजरेगी ? FATHER बेटा   आज पूरा दिन गांव में काम की तलाश में भटकता रहा। पर किसी ने एक वक्त की मजदूरी तक नहीं दी। जेब खाली है और दिमाग जैसे सुन्न पड़ गया है। समझ नहीं आ रहा कि किस दरवाजे पर जाऊं। SON आप फिर से जाइए बाबा। कहीं ना कहीं तो काम मिलेगा ही। जब तक आप हिम्मत नहीं हारेंगे , मैं भी नहीं हारूँगा । FATHER जाऊंगा बेटा   जरूर जाऊंगा। जब तक मेरे बूढ़े हाथ चल रहे हैं , तब तक तुझे भूखा पेट नहीं सोने दूंगा। N अगली सुबह धुंध के बीच हरीलाल   अलग-अलग घरों के दरवाजों पर जाता है। FATHER काकी कोई भी छोटा-मो...

दो भाई की कहानी

  FULL STORY   N कड़ाके की ठंड अपनी पूरी ताकत के साथ गांव पर उतर आई थी। तालाब के किनारे बने कच्चे घर की दीवारों की दरारों से सर हवा सीटी बजाती हुई भीतर घुस रही थी। मिट्टी के उस छोटे से घर   में टूटी चारपाई पर एक पुरानी पतली रजाई ओढ़े हरीलाल   और उसका बीटा सोहन सिमटे बैठे थे। SON बाबा घर में आटा भी खत्म हो चुका है और जलाने के लिए लकड़ियां भी नहीं बची हैं। अगर सुबह तक कुछ इंतजाम नहीं हुआ तो हम क्या खाएंगे और इतनी ठंड में रात कैसे गुजरेगी ? FATHER बेटा   आज पूरा दिन गांव में काम की तलाश में भटकता रहा। पर किसी ने एक वक्त की मजदूरी तक नहीं दी। जेब खाली है और दिमाग जैसे सुन्न पड़ गया है। समझ नहीं आ रहा कि किस दरवाजे पर जाऊं। SON आप फिर से जाइए बाबा। कहीं ना कहीं तो काम मिलेगा ही। जब तक आप हिम्मत नहीं हारेंगे , मैं भी नहीं हारूँगा । FATHER जाऊंगा बेटा   जरूर जाऊंगा। जब तक मेरे बूढ़े हाथ चल रहे हैं , तब तक तुझे भूखा पेट नहीं सोने दूंगा। N अगली सुबह धुंध के बीच हरीलाल   अलग-अलग घरों के दरवाजों पर जाता है। FATHER काकी कोई भी छोटा-मो...