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Showing posts from January, 2026

मौत का सांता क्लॉस

  पिंकी आज बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि आज क्रिसमस था वह सुबह से ही अपने माता-पिता के साथ अपने घर को सजा रही थी पिंकी के माता-पिता हर साल बहुत धूमधाम से क्रिसमस का त्यौहार मनाया करते थे मुझे तो लगता है पिंकी की क्रिसमस की खुशी हम सब में ज्यादा तुम्हें है क्रिसमस का दिन मुझे बहुत अच्छा लगता है पापा आज की रात मेरे सारे दोस्त मेरे घर आते हैं और हम अपने घर पर धूमधाम से पार्टी करते हैं लेकिन हर साल आप मुझसे झूठ भी बोलते हो पिंकी यह गलत बात है बेटा आप अच्छी तरह से जानती हो कि आपके पापा कभी झूठ नहीं बोलते रहने दो कनिका पिंकी अभी सिर्फ 10 साल की है अच्छा तो मुझे बताओ पिंकी मैंने तुमसे क्या झूठ बोला यही कि सैंटा हर साल क्रिसमस की रात को बच्चों को गिफ्ट देकर जाते हैं लेकिन मैंने तो आज तक कभी किसी सैंटा को नहीं देखा नहीं पिंकी वो गिफ्ट तुम्हारे तकिए के नीचे सैंटा रख कर जाता है तुम सो रही होती हो ना इसीलिए वह तुम्हें जगाता नहीं है जब आप सोकर उठती हो तो आपको अपने पिलो के नीचे गिफ्ट रखे हुए मिलते हैं ना अगर ऐसी बात है तो फिर मैं आज पूरी रात जागूंगा के हाथों से ही गिफ्ट लूंगी पिंकी की बात सुनकर राज...

मौत का सांता क्लॉस

  पिंकी आज बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि आज क्रिसमस था वह सुबह से ही अपने माता-पिता के साथ अपने घर को सजा रही थी पिंकी के माता-पिता हर साल बहुत धूमधाम से क्रिसमस का त्यौहार मनाया करते थे मुझे तो लगता है पिंकी की क्रिसमस की खुशी हम सब में ज्यादा तुम्हें है क्रिसमस का दिन मुझे बहुत अच्छा लगता है पापा आज की रात मेरे सारे दोस्त मेरे घर आते हैं और हम अपने घर पर धूमधाम से पार्टी करते हैं लेकिन हर साल आप मुझसे झूठ भी बोलते हो पिंकी यह गलत बात है बेटा आप अच्छी तरह से जानती हो कि आपके पापा कभी झूठ नहीं बोलते रहने दो कनिका पिंकी अभी सिर्फ 10 साल की है अच्छा तो मुझे बताओ पिंकी मैंने तुमसे क्या झूठ बोला यही कि सैंटा हर साल क्रिसमस की रात को बच्चों को गिफ्ट देकर जाते हैं लेकिन मैंने तो आज तक कभी किसी सैंटा को नहीं देखा नहीं पिंकी वो गिफ्ट तुम्हारे तकिए के नीचे सैंटा रख कर जाता है तुम सो रही होती हो ना इसीलिए वह तुम्हें जगाता नहीं है जब आप सोकर उठती हो तो आपको अपने पिलो के नीचे गिफ्ट रखे हुए मिलते हैं ना अगर ऐसी बात है तो फिर मैं आज पूरी रात जागूंगा के हाथों से ही गिफ्ट लूंगी पिंकी की बात सुनकर राज...

डरावना जंगल

  रात के लगभग 11:00 बज चुके थे। शहर के पुराने बाजार की लाइटें आधी बुझ चुकी थी और हवा में धूल और ठंडक का अजीब मिश्रण घुला था। इसी बाजार के कोने पर बना था पुराना रिक्शा स्टैंड , जहां रात को सिर्फ कुछ ही रिक्शा वाले नजर आते थे। आरव एक निजी बैंक में काम करने वाला युवक। उसे अचानक ही एक जरूरी कागजात के लिए देवगढ़ गांव जाना था। जो शहर से करीब 30 कि.मी. दूर था। थोड़ी देर बाद आरव शहर में जो पुराना रिक्शा स्टैंड था वहां पहुंच गया। पास ही में जो चाय की टपरी थी वहां कुछ रिक्शा चालक बैठकर चाय पी रहे थे। तभी आरव ने उन रिक्शा चालकों से कहा। भैया कोई मुझे देवगढ़ छोड़ देगा क्या ? मुझे जल्दी से जल्दी देवगढ़ गांव पहुंचना है। तो क्या आप लोगों में से कोई मुझे रिक्शा से देवगढ़ गांव छोड़ देगा ? तभी एक रिक्शा चालक आरव से कहता है , क्या बोल रहे हो बेटा ? देवगढ़ तुम क्या पागल हो गए हो क्या ? रात के लगभग 11:00 बज चुके हैं और इतनी रात को तुमको देवगढ़ जाना है। माफ करना बेटा लेकिन हम लोगों में से कोई भी तुमको इस समय देवगढ़ नहीं छोड़ सकता। हां बेटा इस समय तुम देवगढ़ जाने का तो भूल ही जाओ। अब तुम यहां से घर लौट ...

ठंड का कहर

  रामगोपाल गांव कोहरे की मोटी चादर   में लिपटा हुआ था। अमीरों के घरों   की चिमनियों से धुआं निकल रहा था और अंदर   अंगीठी की आग जल रही थी। लेकिन मूलचंद की   झोपड़ी में ठंड सीधी हड्डियों तक   पहुंच रही थी। मूलचंद के पास केवल एक पतली   रजाई थी जिसे वे चारों बारी-बारी से   ओढ़ते थे। उसकी पत्नी दामिनी अपने   पुराने ऊनी कपड़े में लिपटी हुई चूल्हे के   पास बैठी थी। जहां आग जल नहीं रही थी।   दामिनी   मूलचंद जी आप बाहर जाने की तैयारी कर रहे  [ संगीत] हैं। ठंड कितनी है आपको अंदाजा   है ? और देखिए चूल्हा भी ठंडा है। घर में  [ संगीत] एक मुट्ठी भी राशन नहीं बचा है।   कल रात बच्चों को हमने बस पानी पिलाकर   सुला दिया था।   दामिनी क्या करूं ? रणजीत सेठ को देर   बिल्कुल पसंद नहीं है। अगर आज देरी हुई तो   वह मेरी बची खुची पगार भी काट लेगा।   तुम्हें तो पता है उसके होटल की चाय के   बिना गांव वालों की सुबह नहीं होती। आज   कैसे भी जाकर पैसे लाने ही होंगे।   तभी उनकी 7 साल की बेटी तारा अपने...